दूध पीने का सही समय
आयुर्वेद के अनुसार दूध शरीर के लिये सबसे जरुरी चीज़ है जिसका हमारे आहार में शामिल होना महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद, सभी को नियमित रूप से हल्का गर्म दूध पीने की सलाह देता है। दूध में विटामिन (A, K और B12), थायमाइन और निकोटिनिक एसिड, मिनरल्स जैसे- कैल्शियम, फास्फोरस, सोडियम और पोटेशियम पाए जाते हैं।
इस बात पर काफी बहस हो चल रही है कि दूध पीने का सही समय क्या होता है। यदि इसका सेवन दिन में किया जाए तो यह हमें दिनभर एनर्जी देगा। अगर इसे रात मे पिया जाए तो यह दिमाग को शांत और अनिंद्रा दूर करेगा। आयुर्वेद में रात को दूध पीने की प्राथमिकता दी गई है।
अलग - अलग समय पर दूध पीने का असर:
- सुबह: सुबह दूध पीने की सलाह नहीं दी जाती क्योंकि यह पचाने में भारी होता है।
- दुपहर: इस समय दूध पीने से बुजुर्गों को ताकत मिलती है।
- शाम: शाम के दौरान दूध पीने से आंखों पर अच्छा असर पड़ता है।
- रात: रात को दूध पीने सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इससे शरीर की थकान मिटती है और नींद अच्छी आती है।
रात को दूध पीने से क्या लाभ होते हैं:
- रात को दूध पीने से नींद इसलिये अच्छी आती है क्योंकि दूध में अमीनो एसिड ट्राइप्टोपेन होता है जो कि नींद के हार्मोन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।
- दूध में कैल्शियम होता है जो कि हड्डियों को मजबूत बनाता है। और साथ ही शाम को दौड़ भाग कम करने की वजह से दूध का कैल्शियम हड्डियों में आराम से समा जाता है।
- इसमें प्रोटीन होता है जो कि मासपेशियों के विकास के लिये लाभदायक होता है।
दूध पीते वक्त इन बातों का रखें ख्याल:
- जिन लोगों का पाचन कमजोर, किसी प्रकार की स्किन कंडीशन, कफ, पेट में कीड़े और हर वक्त पेट खराब रहता हो, उन्हें दूध से बचना चाहिये।
- दूध को कभी भी भोजन के साथ नहीं पीना चाहिये क्योंकि यह जल्द हजम नहीं हो पाता। इसे हमेशा अलग से गरम कर के पीना चाहिये।
- दूध को अगर ठंडा, ज्यादा और सही खाद्य पदार्थ के साथ नहीं पिया गया तो यह सेहत के लिये खराब हो सकता है।
- जिन्हें लैक्टोज इंटॉलरेंस हैं, उन्हें दूध नहीं पीना चाहिये।
- रात को दूध पीने से मोटापा भी बढ़ता है।
गरम या ठंडा? कैसा दूध पियें, जो सेहत के लिये हो अच्छा
दूध सेहत के लिये सबसे उत्तम पेय पदार्थ है। दूध में कैल्शियम, पोटैशियम और विटामिन डी होता है जो ना केवल हड्डियों के लिये ही बल्कि पूरी सेहत के लिये बढियां माना जाता है। कई लोगों को दूध पीना पसंद नहीं होता। वहीं कई लोग दूध को ठंडा और कई लोग गरम पीना पसंद करते हैं। क्या आपने कभी सोंचा है कि दोनों में से कौन सा दूध पीना ज्यादा बेहतर है? आइये आज इसी विषय पर बात करते हैं..
अगर दूध पीने से पेट खराब होता हो, तो गरम दूध पियें : गरम दूध पीने की एक अच्छी बात यह है कि इसे पीने से आपका शरीर इसे आराम से हजम कर सकता है। आप ठंडे दूध को कार्नफ्लेक्स या ओट्स के साथ मिला कर पी सकते हैं, लेकिन अगर आपको दूध हजम ना होता हो, तो ठंडा दूध एक बार में पीने से बचें। जब दूध को गरम किया जाता है तो, उसमें मौजूद लैक्टोज ब्रेक डाउन हो जाता है, जिससे वह पेट में जाने के बाद डायरिया या पेट नहीं फुलाता।
हल्का गरम दूध पीने से नींद अच्छी आती है : रात को सोने से पहले हल्का गरम दूध पीने से अच्छी नींद आती है। दूध में amino acid tryptophan होता है, जो नींद उत्प्रेरण रसायनों, सेरोटोनिन और मेलाटोनिन का उत्पादन करता है, जिससे आपका दिमाग शांत होता है और नींद अच्छी आती है।
ठंडा दूध एसिडिटी को शांत करता है : अगर आपको सीने में जलन और एसिडिटी की समस्या है तो, ठंडा दूध पियें। खाना खाने के बाद आधा गिलास ठंडा दूध पी लेने से अत्यधिक एसिड उत्पादन कम हो जाता है और एसिडिटी शांत हो जाती है।
गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचाए ठंडा दूध : गर्मियों में सुबह ठंडा दूध पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और डिहाइड्रेशन से छुटकारा मिलता है। पर अगर आपको सर्दी-जुखाम है तो, सुबह ठंडा दूध ना पियें।
PMS से छुटकारा : कई महिलाओं में मासिक धर्म के समय मूड में बदलाव देखा जाता है। तो अगर आपको भी ऐसा होता है तो आपको केवल एक गिलास गरम दूध का पीना होगा। इससे आप बेहतर महसूस करेंगी।
Source